सीएम योगी ने रिश्वतखोर अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं....सीएम योगी ने ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति भी ईडी की सहायता से जब्त करने के आदेश दिए हैं...ऐसे में सवाल उठता है कि क्या सीएम के इस निर्देश के बाद प्रदेश में भ्रष्टाचार कम होगा?
सूबे में रिश्वतखोरी को लेकर सीएम योगी अब फुल एक्शन में आ गए हैं...रिश्वतखोर अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश जारी कर सीएम ने संदेश दे दिया है...कि कोई भी छोड़ा नहीं जाएगा...कोई भी अधिकारी और कर्मचारी रिश्वतखोरी में शामिल पाया गया...तो कार्रवाई होगी..इतना ही नहीं ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की संपत्ति ईडी की मदद से जब्त करने के आदेश भी दिए गए।
इतना ही नहीं, जनता ऐसे रिश्तखोर अधिकारियों और कर्मचारियों की शिकायत भी कर सके...इसके लिए सभी जिलों के डीएम को फोन नंबर जारी करने को कहा गया गया...जिस नंबर पर शिकायत की जा सके..। वहीं सीएम की रिश्तखोरी पर सख्ती को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। विपक्ष का कहना है कि सरकार रिश्तखोरी पर सख्त होने की बात तो कर रही है...लेकिन रिश्वतखोरी रूक नहीं रही है
सीएम के रिश्वतखोरी पर कड़े तेवर और कार्रवाई से अफसरों को संदेश तो दिया गया है..लेकिन सवाल है कि सूबे में रिश्वतखोरी के इस मकड़जाल को सरकार कैसे साफ़ कर पाएगी...क्योंकि सूबे में रिश्वतखोरी के मर्ज से कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक कोई बचा नहीं है.....ऐसे में सरकार को चाहिए कि कोई ऐसी दवा लेकर आए...जिसकी मदद से इस मर्ज को इलाज किया जा सके।


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