मूर्खता या बेवकूफी को लेकर जब भी चर्चा होती है तो जेहन में गदहे का चेहरा घूम जाता है। हिंदी भाषा में गधा एक तरह से मूर्खता का पर्याय बन गया है। लेकिन, जम्मू कश्मीर में एक गदहे ने ऐसे काम किया है जिसे लेकर सोशल मीडिया में खूब चर्चा हो रही है...यहां एक गधा नायब तहसीलदार पद के लिए उम्मीदवार बना है।
नाम- कचुर खार
पिता का नाम- क्रिहून खार
जन्म तिथि- 1 जनवरी 1990
उम्मीदवार- नायब तहसीलदार
तस्वीर- भूरे गधे यानी कचुर खार की
कागज के टुकड़े पर एक गधे के ये परिचय कोई मज़ाक नहीं...और ना ही ये गधे की तारीफ में किसी कहानी या कविता का हिस्सा है। बल्कि, जिस कागज पर गधे का नाम पता और परिचय दर्ज है, उस कागज को जम्मू कश्मीर सर्विसेस सलेक्शन बोर्ड ने जारी किया है। 29 अप्रैल यानी रविवार को जम्मू कश्मीर सर्विसेस सलेक्शन बोर्ड की नायब तहसीलदार पद के लिए परीक्षा आयोजित है...परीक्षा में बैठने के लिए दूसरे उम्मीदवारों के साथ ही कचुर खार यानी भूरे गधे के नाम से भी एडमिट कार्ड जारी किया गया है।
एडमिट कार्ड में बाकायदा भूरे गधे का नाम..पता..और उसका परीक्षा सेंटर दर्ज है। दूसरे उम्मीदवारों की तरह ही एडमिट कार्ड में गधे का स्कैन्ड सिग्नेचर तक दिख रहा है। लेकिन इस पर गधे की तस्वीर नहीं होती...तो शायद किसी को इस गड़बड़झाले का पता नहीं चलता।
नायब तहसीलदार जैसे प्रतिष्ठित पद के लिए एडमिट जारी करने में जम्मू कश्मीर सर्विसेस सलेक्शन बोर्ड की ये लापरवाही अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। हैरानी की बात है कि इस फर्जी एडमिट कार्ड में बोर्ड के सेक्रेटरी का दस्तखत भी है...हालांकि हजारों की संख्या में जारी होने वाले ऐसे एडमिट कार्ड कंप्यूटर के जरिए ऑनलाइन जारी किए जाते हैं...। लेकिन, मशीनों पर निर्भरता इतनी बढ़ गई कि राज्य सलेक्शन बोर्ड इंसान और जानवर में फर्क तक भूल गया।
वैसे ये पहला मौका नहीं है...जब जम्मू कश्मीर में ऐसी बड़ी लापरवाही सामने आई हो। इससे पहले साल 2015 जम्मू कश्मीर बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस परीक्षा के दौरान एक गाय के लिए एडमिट कार्ड जारी किया गया था। उस एडमिट कार्ड में गाय का नाम काचिर गाव बताया गया था और गुरा दंड नाम के एक सांड को उसका पिता बताया गया था। लेकिन उस घटना के बाद भी सरकारी तंत्र ने सबक नहीं सीखा...और अब ये नया मामला जम्मू कश्मीर सर्विसेस सलेक्शन बोर्ड की सोशल मीडिया में किरकिरी करा रहा है।
नाम- कचुर खार
पिता का नाम- क्रिहून खार
जन्म तिथि- 1 जनवरी 1990
उम्मीदवार- नायब तहसीलदार
तस्वीर- भूरे गधे यानी कचुर खार की
कागज के टुकड़े पर एक गधे के ये परिचय कोई मज़ाक नहीं...और ना ही ये गधे की तारीफ में किसी कहानी या कविता का हिस्सा है। बल्कि, जिस कागज पर गधे का नाम पता और परिचय दर्ज है, उस कागज को जम्मू कश्मीर सर्विसेस सलेक्शन बोर्ड ने जारी किया है। 29 अप्रैल यानी रविवार को जम्मू कश्मीर सर्विसेस सलेक्शन बोर्ड की नायब तहसीलदार पद के लिए परीक्षा आयोजित है...परीक्षा में बैठने के लिए दूसरे उम्मीदवारों के साथ ही कचुर खार यानी भूरे गधे के नाम से भी एडमिट कार्ड जारी किया गया है।
एडमिट कार्ड में बाकायदा भूरे गधे का नाम..पता..और उसका परीक्षा सेंटर दर्ज है। दूसरे उम्मीदवारों की तरह ही एडमिट कार्ड में गधे का स्कैन्ड सिग्नेचर तक दिख रहा है। लेकिन इस पर गधे की तस्वीर नहीं होती...तो शायद किसी को इस गड़बड़झाले का पता नहीं चलता।
नायब तहसीलदार जैसे प्रतिष्ठित पद के लिए एडमिट जारी करने में जम्मू कश्मीर सर्विसेस सलेक्शन बोर्ड की ये लापरवाही अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। हैरानी की बात है कि इस फर्जी एडमिट कार्ड में बोर्ड के सेक्रेटरी का दस्तखत भी है...हालांकि हजारों की संख्या में जारी होने वाले ऐसे एडमिट कार्ड कंप्यूटर के जरिए ऑनलाइन जारी किए जाते हैं...। लेकिन, मशीनों पर निर्भरता इतनी बढ़ गई कि राज्य सलेक्शन बोर्ड इंसान और जानवर में फर्क तक भूल गया।
वैसे ये पहला मौका नहीं है...जब जम्मू कश्मीर में ऐसी बड़ी लापरवाही सामने आई हो। इससे पहले साल 2015 जम्मू कश्मीर बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल एंट्रेंस परीक्षा के दौरान एक गाय के लिए एडमिट कार्ड जारी किया गया था। उस एडमिट कार्ड में गाय का नाम काचिर गाव बताया गया था और गुरा दंड नाम के एक सांड को उसका पिता बताया गया था। लेकिन उस घटना के बाद भी सरकारी तंत्र ने सबक नहीं सीखा...और अब ये नया मामला जम्मू कश्मीर सर्विसेस सलेक्शन बोर्ड की सोशल मीडिया में किरकिरी करा रहा है।


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