बिजली सबकी ज़रूरत है और आधुनिक युग में बिजली की ज़रूरत सबको रहती है। लेकिन, यूपी के हाथरस जिले के विकासखंड सासनी के गांव नगला घना के गांववालों को आजादी के बाद से अब तक बिजली के दर्शन नहीं हुए हैं। इस गांव के लोग दिए की रौशनी से छुटकारे को तरस रहे हैं। अलबत्ता, बिजली विभाग के अधिकारी 30 जून तक गांव का विद्युतीकरण कराने की बात कह रहे है।
हाथरस जिले के विकासखंड सासनी के गांव नगला घना गांव में बिजली के खम्भे तो गड़े हैं, लेकिन उन पर बिजली की लाइन अभी तक नहीं है। गांव में बिजली न होने से ग्रामीण बेहद परेशान है। ये ग्रामीण बिजली विभाग के खिलाफ गुस्से में हैं। इस गांव में आजादी के बाद से अब तक बिजली नहीं पंहुची है। ग्रामीणों की पीड़ा ये है कि उनके साथ आखिर ऐसा भेदभाव क्यों? गांव के बच्चे, बूढ़े और जवान सभी को अंधेरे में रहने का दर्द है। बच्चे रात में पढ़ाई न होने और टीवी न देख पाने की बात कह रहे हैं। बूढ़े अंधेरे में गिर जाने की, तो जवान लोग जानना चाहते हैं कि ऐसा भेदभाव उनके साथ क्यों है। ग्रामीणों की मानें तो उनके गांव में विवाह, शादी के कार्यक्रम जनरेटर लगाकर होते हैं और उनके बच्चे बिजली न होने से पढ़ाई में पिछड़ गए हैं। ग्रामीणों का कहना तो ये भी है कि उनके यहां सात-आठ महीने पहले खम्भे गड़े हैं, लेकिन लाइन नहीं बनी है।
गांव नगला घना में बिजली के न होने की जानकारी गांव के प्रधान से लेकर बिजली विभाग के अधिकारीयों को भी है। गांववाले गांव में बिजली न होने के लिए गांव के प्रधानों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। लेकिन, मौजूदा प्रधान का कहना है कि गांव में बिजली के खम्भे गड़ चुके हैं, पर लाइन अभी नहीं खिची है। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस गांव के विद्युतीकरण का कार्य प्रगति पर है। अनुबंध के अनुसार, एजेंसी को 30 जून तक कार्य पूर्ण करना है।
बहरहाल, तमाम दावों के बीच गांव नगला घना में अभी तक बिजली न आने की ये कड़वी सच्चाई है। आवश्यकता इस बात की है कि इस गांव का अँधेरा भी दूर हो।


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