केदारनाथ धाम के कपाट रविवार सुबह 6.15 बजे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। पहले ही दिन श्रद्धालुओं की संख्या ने रिकार्ड तोड़ दिया। केदारनाथ आपदा के बाद 5 हजार से ज्यादा श्रद्धालु कपाट खुलने के दौरान मौजूद रहे। सुबह से ही केदारनाथ धाम में बम-बम भोले और बाबा केदारनाथ के जयकारे गूंजे।
रविवार को तड़के चार बजे मंदिर के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई। सबसे पहले बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली को मंदिर में प्रवेश कराया गया। इसके बाद रावल और पुजारी मंदिर के भीतर गए और धार्मिक अनुष्ठान शुरू किया। गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना शुरू हुई। रुद्राभिषेक, जलाभिषेक समेत सभी धार्मिक अनुष्ठान विविधत संपन्न कराने के बाद ठीक सवा छह बजे मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए गए। आपको बता दें, केदारनाथ भगवान आशुतोष के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है।
बदला नजर आएगा केदारनाथ धाम
वे श्रद्धालु जो पहले भी केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए आते रहे हैं, उन्हें इस बार मंदिर परिसर कुछ अलग नजर आएगा। सरकार ने केदारनाथ धाम के प्रवेश मार्ग को विशेष रूप से सुसज्जित कराया गया है, जिसकी केदार धाम से दूरी 273 मीटर की है। 20 अक्टूबर 2017 को पीएम नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ में 650 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया था। इसके ज़रिए केदारनाथ धाम को भव्य रूप देने की कोशिश की गई है।
इस बार टूट सकते हैं सभी पुराने रिकार्ड
उत्तराखंड सरकार इस बात की उम्मीद जता रही है कि इस बार श्रद्धालुओं का आंकड़ा 30 लाख तक पहुंच सकता है। जून- 2013 की आपदा के बाद यात्रियों की संख्या का रिकॉर्ड इस बार टूटने की उम्मीद है।
एक लाख से ज्यादा यात्री करा चुके हैं रजिस्ट्रेशन
आपदा से केदारनाथ यात्रा प्रभावित हुई थी। लेकिन, इस बार यात्रा को लेकर भारी उत्साह नजर आ रहा है। 25 अप्रैल तक केदारनाथ के लिए एक लाख 10 हजार यात्री ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। कपाट खुलने के दिन केदारनाथ धाम में पांच हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। 2013 की आपदा के बाद ये पहला मौका है जब कपाट खुलने के दिन इतनी संख्या में यात्री केदारनाथ पहुंचे।
रविवार को तड़के चार बजे मंदिर के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू हुई। सबसे पहले बाबा केदार की चल विग्रह उत्सव डोली को मंदिर में प्रवेश कराया गया। इसके बाद रावल और पुजारी मंदिर के भीतर गए और धार्मिक अनुष्ठान शुरू किया। गर्भगृह में विधिवत पूजा-अर्चना शुरू हुई। रुद्राभिषेक, जलाभिषेक समेत सभी धार्मिक अनुष्ठान विविधत संपन्न कराने के बाद ठीक सवा छह बजे मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए गए। आपको बता दें, केदारनाथ भगवान आशुतोष के 12 ज्योतिर्लिंगों में शामिल है।
बदला नजर आएगा केदारनाथ धाम
वे श्रद्धालु जो पहले भी केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए आते रहे हैं, उन्हें इस बार मंदिर परिसर कुछ अलग नजर आएगा। सरकार ने केदारनाथ धाम के प्रवेश मार्ग को विशेष रूप से सुसज्जित कराया गया है, जिसकी केदार धाम से दूरी 273 मीटर की है। 20 अक्टूबर 2017 को पीएम नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ में 650 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया था। इसके ज़रिए केदारनाथ धाम को भव्य रूप देने की कोशिश की गई है।
इस बार टूट सकते हैं सभी पुराने रिकार्ड
उत्तराखंड सरकार इस बात की उम्मीद जता रही है कि इस बार श्रद्धालुओं का आंकड़ा 30 लाख तक पहुंच सकता है। जून- 2013 की आपदा के बाद यात्रियों की संख्या का रिकॉर्ड इस बार टूटने की उम्मीद है।
एक लाख से ज्यादा यात्री करा चुके हैं रजिस्ट्रेशन
आपदा से केदारनाथ यात्रा प्रभावित हुई थी। लेकिन, इस बार यात्रा को लेकर भारी उत्साह नजर आ रहा है। 25 अप्रैल तक केदारनाथ के लिए एक लाख 10 हजार यात्री ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। कपाट खुलने के दिन केदारनाथ धाम में पांच हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे। 2013 की आपदा के बाद ये पहला मौका है जब कपाट खुलने के दिन इतनी संख्या में यात्री केदारनाथ पहुंचे।


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