हरियाणा की बेटियां खेल के मैदान पर जीत का परचम लहराती रही हैं। कुछ दिनों पहले मिस वर्ल्ड का खिताब जीतकर मानुषी छिल्लर ने सौंदर्य प्रतियोगिता में हरियाणा का जलवा दिखाया। लेकिन, इस बार यूपीएससी की परीक्षा में बड़ी कामयाबी हासिल कर एक बेटी ने ये दिखा दिया है कि हरियाणा पढ़ाई के क्षेत्र में भी किसी से कम नहीं है। यूपीएससी एग्जाम में दूसरा पायदान हासिल करने वाली सोनीपत के अनु कुमारी की कहानी इस बात की सबसे बड़ी मिसाल है।
अनु के परिवार में इन दिनों खुशी का माहौल है। क्योंकि, उन्होंने न सिर्फ परिवार और गांव का नाम रौशन किया है, बल्कि पूरे देश में सम्मानित मानी जाने वाली यूपीएससी की परीक्षा में हरियाणा का डंका बजा दिया है...आधी आबादी की प्रेरणा बनी हरियाणा की इस छोरी ने यूपीएससी एग्जाम में कामयाबी का झंडा गाड़ दिया है और सेकेंड टॉपर बन गई। सालों से आईएसएस बनने का सपना देख रही अनु कुमारी के पांव यूपीएससी के नतीजे आने के बाद से ज़मीन पर नहीं हैं...आईएएस बनकर वो आधी आबादी को ताकत देना चाहती है...महिलाओं को सशक्त बनाने की मुहिम चलाना चाहती हैं।
अनु कहती हैं कि उनकी कामयाबी का राज़ उनकी मेहनत है...पिछले एक साल से वो रोजाना दस से बारह घंटे तक पढ़ाई में डूबी रहीं...पढ़ाई की खातिर कई छोटी-बड़ी खुशियों की कुर्बानी दी। अनु अपनी कामयाबी का श्रेय अपने माता-पिता को देती हैं। सोनीपत के शिवा स्कूल से मैट्रिक पास करने वाली अनु ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में ऑनर्स किया और फिर नागपुर आईएमटी से एमबीए की डिग्री ली...इस बीच अनु की शादी भी हो गई..और वो चार साल के बच्चे की मां भी है..लेकिन, पढ़ाई के प्रति जुनून ने पति और ससुरालवालों को भी अनु का कायल बना दिया...हर कोई अनु के सपने का साथी बन गया...यही वजह है कि बच्चे के पालन पोषण और नौ साल तक नौकरी करने के बावजूद अनु के जज्बे में कोई कमी नहीं आई...और आखिरकार वो दिन भी आया, जिस दिन उनके सपनों की उड़ान ने मंजिल को छू लिया।


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